kya ho gaya hai - क्या हो गया है? - gazal
गम छिपाने का इरादा क्या हो गया है तुम्हारा
तन्हा होने का इरादा क्या हो गया है तुम्हारा
ये जो अब आवाज़ भारी करते हो
शायर बनने का इरादा क्या हो गया है तुम्हारा
बिखरे बाल, चेहरे का कोई ध्यान नहीं
वो साया दिखाता आईना क्या खो गया है तुम्हारा
बेकसूर होकर भी, मुजरिम बने जो घूमते हो
वो गुनाहगार थोड़ा ज्यादा क्या हो गया है तुम्हारा
इतनी आग तो नहीं जहाँ में, जितनी तुममें दिखती है
कोई और जहन्नुम से नाता क्या हो गया है तुम्हारा
- अंकित अग्रवाल

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